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मोरबी का नक़्क़ाशीदार मणि मंदिर, उसकी सीढ़ियों के पार से

राजकोट से मोरबी कैब

65 कि.मी.लगभग 1.5 घंटेराजकोट–मोरबी हाईवे पर टंकारा होते हुए

तय किराया · वन-वे

राजकोट → मोरबी

सेडान, वन-वे
अनुरोध पर
Ertiga, वन-वे
अनुरोध पर

रास्ता

65कि.मी.

  1. राजकोट
  2. टंकारा
  3. मोरबी

रूट: राजकोट, टंकारा, मोरबी.

मोरबी हमारी आउटस्टेशन यात्राओं में सबसे छोटी है — उत्तर-पश्चिम में 65 कि.मी., घर से घर डेढ़ घंटा। शायद ही कोई घूमने के लिए बुक करता है। गाड़ी में बैठे ज़्यादातर लोग टाइल्स देखने जाते हैं, क्योंकि भारत की ज़्यादातर सिरेमिक टाइल्स इसी एक शहर में बनती हैं।

इससे बुकिंग का रूप बदल जाता है। ख़रीदार के लिए वन-वे ड्रॉप शायद ही काम का होता है: फ़ैक्टरियाँ पूरे ज़िले में फैली हैं और आपको चार जगह आना-जाना पड़ेगा। पूरे दिन के लिए रखी गाड़ी सस्ती भी पड़ती है और परेशानी भी कम।

राजकोट से मोरबी रूट पर क्या देखें

  1. 01

    सिरेमिक का इलाक़ा

    मोरबी–वांकानेर और मोरबी–नवलखी सड़कों पर सैकड़ों इकाइयाँ। इतनी बिखरी हुई कि दो के बीच पैदल जाने का विकल्प ही नहीं।

  2. 02

    टंकारा, आधे रास्ते पर

    आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती का जन्म यहीं 1824 में हुआ था। रास्ता सीधे इसी से होकर गुज़रता है, राजकोट से 40 कि.मी.

  3. 03

    टंकारा में महाशिवरात्रि

    हर साल दो दिन का मेला, शोभायात्रा और महायज्ञ के साथ। साल में वही एक समय है जब यह शांत रास्ता शांत नहीं रहता।

  4. 04

    काम करता शहर

    मोरबी कारोबार का शहर है, हिल स्टेशन नहीं। वाघजी ठाकोर का नदी किनारे बनवाया नक़्क़ाशीदार मणि मंदिर और मच्छु का पुराना किनारा — देखने को इतना ही, और एक घंटे में दोनों पूरे।

  5. 05

    कच्छ के रास्ते में

    भुज और गांधीधाम दोनों के रास्ते मोरबी होकर जाते हैं, इसलिए फ़ैक्टरी का दौरा कच्छ की यात्रा की शुरुआत में आसानी से जुड़ जाता है।

जानने लायक

  • फ़ैक्टरियाँ देखने जा रहे हों तो गाड़ी दिन के हिसाब से बुक कीजिए। चार जगह रुकना और हर बार इंतज़ार चार बुकिंग नहीं, एक बुकिंग है।
  • फ़ैक्टरी के दौरे के लिए सुबह बेहतर है, और नौ बजे से पहले रास्ता ख़ाली रहता है।
  • फ़्लाइट से आ रहे हों तो बताइए। हीरासर एयरपोर्ट राजकोट की उसी तरफ़ है और हम वहाँ से मोरबी के लिए अक्सर पिकअप करते हैं।
  • आगे कच्छ जाना हो तो बुकिंग के समय ही बताइए — मोरबी उसी रास्ते पर पड़ता ही है और उन्हीं 65 कि.मी. के दो बार पैसे देने का कोई मतलब नहीं।

सवाल-जवाब

राजकोट से मोरबी — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजकोट से मोरबी कितनी दूर है?

लगभग 65 कि.मी., राजकोट–मोरबी हाईवे पर टंकारा होते हुए डेढ़ घंटा। एक ही रास्ता है, इसलिए समय अच्छी तरह टिकता है।

राजकोट से मोरबी टैक्सी का किराया कितना है?

बुकिंग से पहले हम सब कुछ शामिल तय किराया देते हैं — ईंधन, ड्राइवर भत्ता और टैक्स शामिल, टोल और पार्किंग वास्तविक खर्च के अनुसार। पूरे दिन के लिए रखी गाड़ी का भाव अलग होता है, और फ़ैक्टरी दौरे के लिए आम तौर पर वही सस्ता पड़ता है।

क्या फ़ैक्टरी के दौरे के लिए गाड़ी साथ रखी जा सकती है?

हाँ, और मोरबी के लिए यही आम व्यवस्था है। ड्राइवर पूरा दिन आपके साथ रहता है, हर इकाई पर इंतज़ार करता है और फिर आपको राजकोट वापस लाता है।

क्या आप मोरबी के लिए राजकोट एयरपोर्ट से पिकअप करते हैं?

नियमित रूप से। हीरासर इंटरनेशनल राजकोट की अहमदाबाद वाली तरफ़ है, इसलिए मोरबी के लिए एयरपोर्ट पिकअप सीधा रास्ता है। फ़्लाइट नंबर दीजिए, ड्राइवर लैंडिंग समय के हिसाब से आता है।

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