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यात्रा गाइड

राजकोट से कहाँ जाएँ, और कब

वे हिस्से जो किराया तालिका में नहीं समाते — किस मौसम में जाएँ, परमिट कैसे मिलता है, और किसी जगह को देखने में असल में कितना समय लगता है। ब्रोशर से नहीं, इन सड़कों पर गाड़ी चलाकर लिखा गया।

  1. सासण गिर में सूखी घास से गुज़रती एशियाई शेरनी01गिर नेशनल पार्क: सफ़ारी गाइडधरती पर एकमात्र जगह जहाँ जंगली एशियाई शेर हैं, और ऐसी यात्रा की योजना कैसे बनाएँ जिसमें सचमुच शेर दिखे।राजकोट से: 165 कि.मी., लगभग 3.5 घंटेमुख्य प्रवेश: सासण गिरगाइड पढ़ें
  2. शहर के ऊपर द्वारकाधीश मंदिर का शिखर, गोमती में प्रतिबिंब के साथ02द्वारका दर्शन: क्या देखें और कितना समय लगता हैचार धाम में से एक, और ज़्यादातर लोगों की सोच से बड़ा और ज़्यादा फैला हुआ सर्किट।राजकोट से: 230 कि.मी., लगभग 4.5 घंटेमुख्य मंदिर: द्वारकाधीश (जगत मंदिर)गाइड पढ़ें
  3. अरब सागर के पथरीले किनारे के ऊपर खड़ा सोमनाथ मंदिर03सोमनाथ मंदिर: यात्री गाइडबारह ज्योतिर्लिंगों में पहला, भारत के किसी भी मंदिर से ज़्यादा बार नष्ट होकर फिर बना।राजकोट से: 185 कि.मी., लगभग 3.5 घंटेमहत्व: बारह ज्योतिर्लिंगों में पहलागाइड पढ़ें
  4. लाल मिट्टी के रास्ते के पास कच्छ के रण का सफ़ेद नमक का रेगिस्तान04कच्छ का रण: कब जाएँ और क्या देखेंहर मानसून में डूबने और हर सर्दी में सफ़ेद होकर सूखने वाला नमक का रेगिस्तान, और भारत में और कहीं न दिखने वाला ज़िला।राजकोट से: भुज तक 235 कि.मी., लगभग 5 घंटेसफ़ेद रण: धोरडो, भुज से ~80 कि.मी. उत्तरगाइड पढ़ें
  5. नर्मदा के पार से दिखती स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी, पीछे हरी पहाड़ियों के साथ05स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी: केवड़िया यात्रा की योजनादुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा, और उसके आसपास पूरे दिन के आकर्षण जिन्हें ज़्यादातर यात्री कम आँकते हैं।राजकोट से: 330 कि.मी., लगभग 6 घंटेऊँचाई: 182 मीटरगाइड पढ़ें
  6. बादलों भरे आसमान के नीचे पहाड़ियों के ऊपर उठती गिरनार की चोटियाँ06जूनागढ़ और गिरनार: एक दिन की यात्रा की गाइडएक पवित्र पर्वत, दो हज़ार साल पुराना क़िला, और राजकोट से एक दिन की सबसे अच्छी सैर।राजकोट से: 100 कि.मी., लगभग 2 घंटेमुख्य आकर्षण: गिरनार रोपवेगाइड पढ़ें
  7. शाम के आसमान के सामने सारंगपुर की 54 फ़ुट की किंग ऑफ़ सालंगपुर हनुमान प्रतिमा07सारंगपुर: कष्टभंजन देव हनुमानजीवह हनुमान मंदिर जहाँ सौराष्ट्र अपने दुख लेकर जाता है — और राजकोट से एक दिन की यात्रा को आसान कैसे बनाएँ।राजकोट से: लगभग 140–160 कि.मी., करीब 3 घंटेज़िला: बोटादगाइड पढ़ें
  8. शाम के धुंधलके में रोशनी से जगमगाता उदयपुर की पिछोला झील पर लेक पैलेस08उदयपुर: झीलों का शहरपानी पर महल, जग मंदिर तक सूर्यास्त की नाव और राजस्थानी नृत्य की एक शाम — गुजरात से ऐसी यात्रा जो घर से सबसे दूर लगती है।राजकोट से: अहमदाबाद होते हुए लगभग 470 कि.मी.सफ़र: राजकोट से लगभग 8 घंटे, अहमदाबाद से 5गाइड पढ़ें
  9. नगर के ऊपर चामुंडा माता मंदिर के साथ चोटिला की पहाड़ी09चोटिला: पहाड़ी पर चामुंडा माताअहमदाबाद हाईवे से दिखने वाली पहाड़ी की चोटी पर मंदिर — और योजना बनाकर करने लायक चढ़ाई।राजकोट से: लगभग 50–65 कि.मी., करीब एक घंटाचढ़ाई: लगभग 600–700 सीढ़ियाँ, रोपवे नहींगाइड पढ़ें
  10. सांझ के समय मंदिर के सरोवर के पार दिखते पोइचा के नीलकंठ धाम के शिखर10पोइचा और आतापी वंडरलैंड: मंदिर और थीम पार्कनर्मदा किनारे स्वामिनारायण मंदिर और गुजरात का सबसे बड़ा थीम पार्क — राजकोट से दो दिन की यात्रा, जो दादा-दादी और बच्चों दोनों को पसंद आए।राजकोट से: आतापी तक लगभग 315 कि.मी., पोइचा तक लगभग 350 कि.मी.सफ़र: एक तरफ़ लगभग 5½–6½ घंटेगाइड पढ़ें

फ़ोटो सौजन्य: Arian Zwegers (CC BY 2.0), Kridha20 (CC BY-SA 4.0), Sneha G Gupta (CC BY-SA 4.0), Prof Ranga Sai (CC BY-SA 4.0), Pradeep717 (CC BY-SA 4.0), Sachinvenga (CC BY-SA 4.0), Rahilarious (CC BY-SA 4.0), Руслан Кальницкий (Pexels License), Raman Patel (CC BY 3.0), Snehrashmi (CC BY-SA 4.0).

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इन गाइडों के हर रूट पर हम गाड़ी चलाते हैं, सब कुछ शामिल तय किराये और रास्ता जानने वाले ड्राइवर के साथ।

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