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पोरबंदर में गांधी स्मारक कीर्ति मंदिर का आँगन

राजकोट से पोरबंदर कैब

180 कि.मी.लगभग 3.5 घंटेNH-27 गोंडल, जेतपुर और उपलेटा होते हुए

तय किराया · वन-वे

राजकोट → पोरबंदर

सेडान, वन-वे
अनुरोध पर
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अनुरोध पर

रास्ता

180कि.मी.

  1. राजकोट
  2. गोंडल
  3. जेतपुर
  4. उपलेटा
  5. कुतियाणा
  6. पोरबंदर

रूट: राजकोट, गोंडल, जेतपुर, उपलेटा, कुतियाणा, पोरबंदर.

पोरबंदर NH-27 पर सीधा पश्चिम का रास्ता है — 180 कि.मी., लगभग साढ़े तीन घंटे, और पूरे रास्ते एक ही हाईवे। राजकोट से निकलने वाली आसान यात्राओं में से एक है, जो काम की बात है, क्योंकि इस रास्ते जाने वाले ज़्यादातर लोग छुट्टी मनाने नहीं बल्कि किसी ख़ास काम से जाते हैं।

यह शहर गांधीजी का जन्मस्थान है, और साथ ही चलता-फिरता मछली बंदरगाह — एक ही पते पर बसी दो बिल्कुल अलग जगहें। कीर्ति मंदिर और बंदरगाह बीस मिनट की दूरी पर हैं और इसी क्रम में देखने लायक हैं।

राजकोट से पोरबंदर रूट पर क्या देखें

  1. 01

    गोंडल

    आधे घंटे की दूरी पर, और रुकने लायक पहली जगह। समय हो तो नौलखा पैलेस और राजसी गैराज वहीं हैं।

  2. 02

    जेतपुर

    छपाई का शहर — सड़क किनारे सूखता सूती कपड़ा, ऐसे रंगों में कि हाईवे से दिख जाए।

  3. 03

    उपलेटा और कुतियाणा

    समुद्र तट से पहले के आख़िरी दो क़स्बे। देखने की जगह नहीं, चाय के पड़ाव हैं, और यहीं से रास्ता शांत हो जाता है।

  4. 04

    कीर्ति मंदिर

    2 अक्टूबर 1869 को गांधीजी का जन्म जिस घर में हुआ, उसके बगल में खड़ा स्मारक। फ़र्श पर स्वस्तिक वह जगह बताता है। 1950 में बना, और आज भी ज़्यादातर आने वाले पहले यही देखने आते हैं।

  5. 05

    सुदामापुरी और बंदरगाह

    शहर का पुराना नाम, कृष्ण के मित्र सुदामा पर से, जिनका मंदिर पुराने शहर में है। थोड़ा आगे का मछली बंदरगाह दूसरा पोरबंदर है — शोरगुल भरा, व्यस्त और बिल्कुल भावुकता रहित।

जानने लायक

  • कीर्ति मंदिर संग्रहालय के समय से चलता है और दोपहर में बंद रहता है, इसलिए राजकोट से दोपहर बाद निकलने से बेहतर सुबह निकलना है।
  • पोरबंदर द्वारका और सोमनाथ के बीच के समुद्री रास्ते पर है। वे दोनों करने ही हों तो पोरबंदर होते हुए जाने में लगभग कुछ अतिरिक्त नहीं लगता और एक अलग यात्रा बच जाती है।
  • माधवपुर का समुद्र तट सोमनाथ की ओर लगभग एक घंटा आगे है, और बंदरगाह के बजाय रेत चाहिए तो वह ज़्यादा शांत पड़ाव है।
  • पूरे दिन के लिए गाड़ी चाहिए तो बताइए। देखने की जगहें बिखरी हुई हैं और एक घंटे का इंतज़ार दो अतिरिक्त बुकिंग से सस्ता पड़ता है।

सवाल-जवाब

राजकोट से पोरबंदर — अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजकोट से पोरबंदर कितनी दूर है?

लगभग 180 कि.मी., NH-27 पर गोंडल, जेतपुर और उपलेटा होते हुए करीब साढ़े तीन घंटे। पूरे रास्ते एक ही हाईवे है, इसलिए समय भरोसेमंद रहता है।

राजकोट से पोरबंदर टैक्सी का किराया कितना है?

गाड़ी और तारीख़ जानने के बाद हम इस यात्रा के लिए सब कुछ शामिल तय किराया देते हैं — ईंधन, ड्राइवर भत्ता और टैक्स शामिल, टोल और पार्किंग वास्तविक खर्च के अनुसार। फ़ोन कीजिए या मैसेज भेजिए, बुकिंग से पहले आंकड़ा मिल जाएगा।

क्या उसी यात्रा में द्वारका या सोमनाथ देखा जा सकता है?

हाँ। पोरबंदर उन दोनों के बीच के समुद्री रास्ते पर है, इसलिए द्वारका–पोरबंदर–सोमनाथ एक ही दिशा में बैठ जाता है, लौटकर आना नहीं पड़ता। एक आउटस्टेशन यात्रा के रूप में बुक करें तो तीन अलग ड्रॉप से काफ़ी सस्ता पड़ता है।

क्या राजकोट से एक दिन में जाकर लौटा जा सकता है?

आराम से। दोनों तरफ़ साढ़े तीन घंटे यानी दिन का बड़ा हिस्सा पोरबंदर में मिलता है, और बहुत लोग कीर्ति मंदिर और समुद्र तट के लिए ऐसा ही करते हैं।

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